
वास्तु समाधान
वास्तु-शास्त्र - भगवान विश्वकर्मा की मानव को अभूतपूर्व देन है। ज्योतिष विज्ञान के अंतर्गत वास्तु का एक महत्वपूर्ण स्थान है। किसी भी भवन का निर्माण करते समय उसे वास्तुनुकूल बनाना आवश्यक है। क्योंकि घर में सुख, शांति एवं समृद्धि इसी पर आधारित है।
वास्तु दोष होने पर भवन में कई प्रकार की परेशानियां, अस्वस्थता, अकारण दुःख, हानि, चिंता एवं भय आदि बना रहता है। आधुनिक युग में फ्लैट संस्कृति चारों ओर विकसित हो चुकी है। इन फ्लैटों में अगर वास्तु दोष हों तो भी तोड़-फोड़कर अनुकूल बनाना संभव नहीं हो पाता है। कई जगह धनाभाव या अर्थाभाव के कारण भी व्यक्ति वास्तु दोष का निवारण नहीं कर पाता है। लेकिन ऐसे में निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसे में हम घर के सामान या वस्तुओं में फेर-बदलकर वास्तु दोष को एक सीमा तक समाप्त कर सकते हैं।
आइए जानते हैं। कि वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के लिए क्या सही है और क्या गलत ।
वास्तु एक प्राचीन विज्ञान है। जो हमे बताता है। कि घर , ऑफिस, व्यवसाय, इत्यादि मे कोन कोन सी चीजें होनी चाहिए। साथ ही हमे यह भी बतलाता है कि किस चीज़ के लिए कोन सी दिशा सही है।
घर के लिए कुछ महत्वपूर्ण जानकारी।
- पूजा घर उत्तर पूर्व दिशा अर्थात ईशान कोण में होना चाहिए।
- घर के मालिक का कमरा दक्षिण पश्चिम दिशा में होना चाहिए ।
- घर की सीढ़ियां सामने की ओर नही होनी चाहिए।
- सीढ़ियों के नीचे कबाड़ नही होना चाहिये।
- घर का मुख्य दरवाजा दक्षिण मुखी नही होना चाहिये।
- शौचालय दक्षिण मुखी नही होना चाहिये।
अधिक जानकारी के लिए आप अपने घर या ऑफिस की फ़ोटो हमे हमारे ( contact us ) पेज पर जाकर हमे mail.. या watssapp कर सकते हैं।
।धन्यवाद।
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